नोट बंदी

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    नोटबंदी : असर-बेअसर
    Posted in: आर्थिक जगत, नोट बंदी

    नोटबंदी : असर-बेअसर ——- जावेद अनीस —— बीते साल 8 नवम्बर 2016 को रात आठ बजे प्रधानमंत्री ने अचानक 500 और 1000 के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी तो यह भारतीयों के लिए सबसे बड़ी घटना बन गयी जिसकी दुनियाभर में चर्चा हुई. इस फैसले की वजह से देश की 86 प्रतिशत […]

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    नरेन्द्र मोदी आधुनिक भारत के मोहम्मद तुगलक हैं
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    नरेन्द्र मोदी आधुनिक भारत के मोहम्मद तुगलक हैं —— एल.एस. हरदेनिया —— आज़ादी के बाद महात्मा गांधी ने एक जंतर दिया था। उन्होंने कहा था ‘‘जो सबसे गरीब और कमज़ोर आदमी तुमने देखा हो, उसकी शक्ल याद करो और अपने दिल से पूछो कि जो कदम उठाने का तुम विचार कर रहे हो, वह उस आदमी […]

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    मोदी सरकार का मॉन्यूमेंटल मिसमेनेजमेंट : पी. चिदम्बरम्
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    मोदी सरकार का मॉन्यूमेंटल मिसमेनेजमेंट —– पी. चिदम्बरम् —— ऐसा प्रतीत होता है कि मॉन्यूमेंटल मिसमेनेजमेंट या ‘‘अविस्मरणीय कुप्रबंधन’’ एन.डी.ए. सरकार की ‘‘सिग्नेचर ट्यून’’ बन जायेगी। डॉक्टर मनमोहन सिंह कम बोलने वाले व्यक्ति है। वे धीरे बोलते है और इस बात के प्रति सावधान रहते है कि उनकी बात से कोई आहत न हो। ये […]

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    भारत में कालाधन गलत नीतियों का परिणाम
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    भारत में कालाधन गलत नीतियों का परिणाम ——कौशिक बसु ——– 8 नवंबर 2016 को भारत सरकार ने देश में सर्वाधिक मात्रा में प्रचलित करेंसी के दो बड़े नोटों को तत्काल प्रभाव से बंद करने की घोषणा की। इस वर्ष के अंत तक भारत के लोगों को ये नोट नये जारी किये गये नोटों या अन्य […]

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    वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली से चन्द सवाल
    Posted in: आर्थिक जगत, नोट बंदी

    वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली से चन्द सवाल 1000 और 500 रुपये मूल्य वर्ग के नोटों को बंद करके अर्थव्यवस्था को चरमरा देने के निर्णय के पीछे मजबूत आर्थिक कारण थे या फिर यह बाहरी विचारों से प्रेरित था? फ्रांस की महारानी मेरी एन्टोनिटी द्वारा भूख से मर रही अपनी जनता को दी गई मूर्खतापूर्ण […]

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    नोटबन्दी पर विश्वसनीयता का सवाल
    Posted in: आर्थिक जगत, नोट बंदी

    नोटबन्दी पर विश्वसनीयता का सवाल वीरेन्द्र जैन नोटबन्दी के कारण हुयी पचास से अधिक मौतों, मुद्रा के संकट से उत्पन्न बाजार के लकवाग्रस्त होने, अर्थव्यवस्था और बैंकिंग व्यवस्था पर तरह तरह के संकट आने से घबराहट का जो माहौल बना उस घटनाक्रम से नरेन्द्र मोदी की बची खुची छवि पर गहरा दाग लगा है। उससे […]

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    यह प्रधानमंत्री की भाषा तो नहीं है!
    Posted in: नोट बंदी, राजनीति

    यह प्रधानमंत्री की भाषा तो नहीं है! —– कृष्ण प्रताप सिंह —– आपको याद होगा अभी, अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में सारे पूर्वानुमानों को झुठलाती हुई डोनाल्ड ट्रम्प के जीतने की खबर आयी तो इस देश के कई महानुभावों ने उन्हें ‘अमेरिका का नरेन्द्र मोदी’ कहकर खुशियां मनायीं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘भारत का डोनाल्ड […]

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