गरीबी

  • starvation-death
    भूख है तो सब्र कर .. – सुभाष गाताडे
    Posted in: गरीबी, विशेष

    भूख है तो सब्र कर .. —- सुभाष गाताडे —- झारखंड के देवघर जिले के मोहनपुर प्रखंड के भगवानपुर गांव के 62 वर्षीय रूपलाल मरांडी पिछले दिनों कथित तौर पर भूख से मर गए। ख़बर के मुताबिक उनके अंगूठे का निशान बायोमेटिक मशीन से मिल नहीं रहा था और दो माह से परिवार को राशन […]

  • urban-sanitation-cover-width-620px_ht-320px
    गरीबी और गंदगी – शैलेन्द्र चौहान
    Posted in: गरीबी

    गरीबी और गंदगी —– शैलेन्द्र चौहान —— हमारा भारत देश महान है । विदेशियों (पश्चिमी देश वाले) का कहना है कि भारत सपेरों, नटों और ठगों (भिखारियों से  लेकर टैक्सी व ऑटो ड्रायवर और होटलों के दलालों तक) का देश है। (अब मोदी जी बनायेंगे आधुनिक भारत।) चूँकि यह अत्यंत प्राचीन देश है, इसकी संस्कृति […]

  • An Indian farmer looks skyward as he sits in his field with wheat crop that was damaged in unseasonal rains and hailstorm at Darbeeji village, in the western Indian state of Rajasthan, Friday, March 20, 2015. Recent rainfall over large parts of northwest and central India has caused widespread damage to standing crops. (AP Photo/Deepak Sharma)
    भारत में किसानों की आत्महत्या – शैलेन्द्र चौहान
    Posted in: किसान, गरीबी, समाज

    भारत में किसानों की आत्महत्या —— शैलेन्द्र चौहान —— इक्कीसवी सदी का दूसरा दशक. यदि हम इस दशक पर दृष्टिपात करें तो  इस दशक में सदी की सबसे बड़ी घटना विकास दर के बजाय किसानों की आत्महत्या के दर में वृध्दि रही, और इससे बड़ा शर्मनाक पहलू यह है कि चुनावी मुद्दों की राजनीति में आकर्षण का केंद्र किसान है। […]

  • hy16shelter_865186g
    कड़कड़ाती ठंड और बेघर लोग
    Posted in: गरीबी

    कड़कड़ाती ठंड और बेघर लोग —— अवनीश सिंह भदौरिया —— ठंड फिर बढऩे लगी है और लोगों की जान पर जान बनी हुई है। ठंड धीरे-धीरे और अपनी क्रूरता दिखाने लगी है। कई शहरों में तो पारा शून्य के आसपास मडराने लगा है और सायद जल्दी ही इससे नीचे आ जाए।  पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी […]

  • ‘भीम यात्रा’ और अन्य मुद्दों पर बेजवाड़ा विल्सन के साथ बातचीत
    ‘भीम यात्रा’ और अन्य मुददों पर बेजवाडा विल्सन के साथ बातचीत – सुभाष गाताडे
    Posted in: एक्सक्लूसिव इंटरव्यू, गरीबी, जीवन शैली, दलित, विशेष, समाज

    ‘ स्वच्छ भारत अभियान जाति और स्वच्छता/सैनिटेशन के मसले के अन्तर्सम्बन्ध को विलुप्त करता है और सफाई कामगार समुदायों में झाडू का महिमामंडन करता है’ – बेजवाडा विल्सन सुभाष: आप भीम यात्रा के प्रभाव को किस तरह देखते हैं  बेजवाडा: अब जहां तक स्वच्छता के काम में सदियों से लगे समुदायों का ताल्लुक है तो यह […]

  • living reality of muslims in west bengal by Amratya Sen
    पश्चिम बंगाल में मुसलमान: तुष्टिकरण या अलगाव -नेहा दाभाड़े
    Posted in: अल्पसंख्यकों, करेंट अफेयर्स, गरीबी, विकास, समाज

    कोलकता में ‘‘लिविंग रियालिटी आॅफ मुस्लिम्स इन वेस्ट बेंगाल’’ शीर्षक क रपट जारी करते हुए प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और नोबल पुरस्कार विजेता अमत्र्य सेन ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में मुसलमान, गरीब तबके का एक बड़ा हिस्सा हैं। यह तथ्य कि राज्य में मुसलमान, आनुपातिक दृष्टि से अधिक गरीब हंै और उनके जीवन में अपेक्षाकृत अधिक वंचनाएं […]

  • Malnutrition
    कुपोषण अब भी सबसे बड़ी चुनौती
    Posted in: गरीबी, समाज

    कुपोषण अब भी सबसे बड़ी चुनौती ——जगजीत शर्मा——- कुपोषण भारत की एक बड़ी समस्या है। आजादी से पहले और आजादी के बाद भी कुपोषण से मुक्ति का प्रयास लगातार रो रहा है, लेकिन समस्या कमोबेश आज भी बरकरार है। इस बात से कत्तई इनकार नहीं किया जा सकता है कि केंद्र और राज्य सरकारों ने […]

  • The helpless poor family doesn't have the money to medical treatment. The couple was the labour of the Kathalguri tea garden in Jalpai guri. There are more than 2000 people have died due to malnutrition after the tea garden lock out in this region.
    भूखों मरते लोग और बांसुरी बजाती मोदी सरकार
    Posted in: गरीबी, विशेष

    ——जगजीत शर्मा——– इसी वर्ष 29 जुलाई को मध्य प्रदेश के भिंड गोहद में एक पिता दामोदर गोले ने अपनी पांच साल की बेटी को सिर्फ इसलिए मार डाला था क्योंकि वह अपनी बेटी को स्वास्थ्यवर्धक आहार नहीं दे पा रहा था। बाद में उसने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सात नवंबर 2015 को इलाहाबाद […]

  • rural-poverty-in-india-village-1
    अमीरी बनाम गरीबी
    Posted in: आर्थिक जगत, गरीबी, ग्रामीण भारत

    —–शैलेन्द्र चौहान—— जनगणना के ताजा आंकडों के मुताबिक ग्रामीण इलाकों के तीन चौथाई परिवारों की आमदनी पांच हजार रुपए महीने से ज्यादा नहीं है। गांवों में रहने वाले बानबे फीसद परिवारों की आय प्रतिमाह दस हजार रुपए से कम है। शहरी इलाकों के आंकड़े फिलहाल जारी नहीं किए गए हैं। पर वे जब भी सामने […]

  • mgnrega
    मोदी की गरीब विरोधी मानसिकता
    Posted in: गरीबी, सरकार

    —अलका गंगवार— इस वर्ष के बजट में वित्त मंत्री अरूण जेटली ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के लिए बजट में वृद्धि कर इसके लिए 5700 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। यह एक मजाक है कि एक दिन पहले ही संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण का जबात देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने […]

  • MGNREGA_Logo
    मनरेगा बदलने का मन
    Posted in: गरीबी, ग्रामीण भारत, मजदूर

    – जाहिद खान – महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना जैसा कि नाम से जाहिर है, ग्रामीण बेरोजगारों के लिए सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा भुगतान देने की योजना है। योजना के तहत सरकार, गरीब परिवारों को साल में कम से कम 100 दिन का रोजगार देती है। यही नहीं योजना में यह भी प्रावधान […]

  • Urban
    समस्याओं का जन्मदाता, शहरीकरण
    Posted in: गरीबी, समाज

    – शैलेन्द्र चौहान – ग्रामीण क्षेत्रों के बरक्स भारत में शहरी क्षेत्रों में आवास की समस्या चिंताजनक है। इसका एक बड़ा कारण अत्यधिक आर्थिक विषमता है, योजना आयोग के अनुमान के अनुसार भारत की जनसंख्या का पांचवा भाग झुग्गी-झोंपड़ी में रहता है। एक सर्वेक्षण के अनुसार बंगलुरू में 10 प्रतिशत, कानपुर में 17 प्रतिशत, मुंबई […]

Humsamvet Features Service

News Feature Service based in Central India

E 183/4 Professors Colony Bhopal 462002

0755-4220064

editor@humsamvet.org.in