इतिहास

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    भारत छोड़ो आंदोलन – शैलेन्द्र चौहान
    Posted in: इतिहास

    भारत छोड़ो आंदोलन —– शैलेन्द्र चौहान —— ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का यह 76 वां वर्ष है किंतु आज भी भाषा, धर्म, क्षेत्रीयता के तत्त्व भारत को निगल जाने को आतुर हैं । राष्ट्रीय एकीकरण देश के समक्ष एक दुखजनक समस्या बन गई है । इसका मुख्य कारण स्वतंत्रता के बाद की पीढ़ी का राष्ट्रीय आंदोलन […]

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    अयोध्या विवाद: इतिहास और प्रकृति – इरफान इंजीनियर
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    अयोध्या विवाद: इतिहास और प्रकृति —— इरफान इंजीनियर ——- उच्चतम न्यायालय ने 21 मार्च, 2017 को रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद प्रकरण के दोनों पक्षों को आपसी बातचीत के जरिए मिल-बैठकर विवाद को सुलझाने का सुझाव दिया। मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि अगर दोनों पक्ष राजी हों तो वे बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका अदा करने के […]

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    योगी आदित्यनाथ का नाथ संप्रदाय न हिन्दू था, न मुसलमान
    Posted in: इतिहास, धर्म

    योगी आदित्यनाथ का नाथ संप्रदाय न हिन्दू था, न मुसलमान  हिंदुत्व के विपरीत, नाथ योगियों ने अतीत में अपनी समावेशी धार्मिक सोच पर बल देते हुए शक्ति प्राप्त की। —सी  मारेवा–करवॉस्की गोरखपुर के विवादास्पद दक्षिणपंथी विचारक, योगी आदित्यनाथ की उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर ताजपोशी को कई लोग मन से नकार चुके है।  यद्यपि उनका […]

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    गुरू गोरखनाथ और उनकी विरासत
    Posted in: इतिहास, धर्म

    गुरू गोरखनाथ और उनकी विरासत योगी आदित्यनाथ के उत्तरप्रदेश का मुख्यमंत्री चुने जाने के निर्णय ने मोदी सरकार के सबसे प्रबल समर्थकों को भी चकित कर दिया है। वर्ष 2014 और 2017 में भाजपा के लिए मतदान करने वाले युवा पुरूष और महिलाएं भी विकास के एजेंडे के भविष्य को लेकर वास्तव में चिंतित हैं। […]

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    सुनियोजित जनसंहार का शिकार रोहिंग्या और सू की
    Posted in: इतिहास, विश्व जगत, समाज

    म्यांमार अर्थात् बर्मा-जहां नवम्बर माह में राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव हो रहे हैं-और जिस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को अमेरिका ने हटा दिया है, वहां से आ रही कुछ खबरें बेचैन कर देने वाली हैं। नए अध्ययन सामने आए है जो फिर इस बात को पुष्ट कर रहे हैं कि वहां की दस लाख से […]

  • Maulvi Ahmadullah Shah
    क्रन्तिकारी मौलवी अहमदुल्लाह शाह
    Posted in: इतिहास, समाज

    —-शैलेन्द्र चौहान—- शांतिमय रे ने अपनी किताब ‘1857 और भारतीय मुसलमान’ में  लिखा है कि ‘पारम्परिक इतिहासकार नाना साहब, तात्या टोपे, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और कुंअर सिंह का नाम वीर योद्धाओं के रूप में लेते हैं। जाहिर तौर पर उन्हें भुलाया नहीं जा सकता. मंगल पांडे को, जिन्होंने बंगाल में विद्रोह का झंडा उठाया […]

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