Monthly Archives: March 2015

  • amit shah
    भाजपा की सदस्य संख्या
    Posted in: राजनीति

    —वीरेन्द्र जैन— देश में सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी जब अपनी ऎतिहासिक विजय के बाद बहुत तेजी से अलोकप्रिय हुयी है और प्रतिष्ठापूर्ण दिल्ली विधानसभा का चुनाव बुरी तरह हार चुकी है, तब उसने दावा किया है कि वह पूरे दक्षिण एशिया की सबसे बड़ा पार्टी बन गयी है। उनका दावा है कि पिछले दिनों चले […]

  • Ciggiy
    नशाखोरी के खिलाफ दोहरा रवैया
    Posted in: स्वास्थ जगत

    —अरविंद जयतिलक— यह विडंबना है कि पिछले दिनों देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम के तहत नशाखोरी के खिलाफ देश के युवाओं को सचेत किए और अब उन्हीं की सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा अपने ही मंत्रालय की उस अधिसूचना को स्थगित करने के आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, […]

  • mgnrega
    मोदी की गरीब विरोधी मानसिकता
    Posted in: गरीबी, सरकार

    —अलका गंगवार— इस वर्ष के बजट में वित्त मंत्री अरूण जेटली ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के लिए बजट में वृद्धि कर इसके लिए 5700 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। यह एक मजाक है कि एक दिन पहले ही संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण का जबात देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने […]

  • yogendra_yadav_759
    आप सुधारने आए थे खुद बिगड़ गए 
    Posted in: करेंट अफेयर्स, राजनीति

    —विवेकानंद— जो पौध जितनी जल्दी बढ़ता है, वह उतने ही जल्दी सूखता भी है और भीड़ को देखकर मन बदलने वालों को कई बार पछताना भी पड़ता भी। बुजुर्गों का यह अनुभव आज आम आदमी पार्टी पर एकदम सटीक बैठता दिख रहा है। कांग्रेस नीत एनडीए सरकार के खिलाफ बेहद सुनियोजित तरीके से चलाए गए […]

  • nirbhaya ban
    मोदी सरकार की बेढंगी चाल
    Posted in: महिला, सांप्रदायिकता

    —अलका गंगवार— राज्य सभा में प्रधानमंत्री ने आपातकाल को इंगित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में धमकियां ना कभी चली है और ना कभी चल सकती है। लेकिन उसी दिन उनके गृह मंत्रालय ने बी.बी.सी. से प्रसारित निर्भया कांड पर आधारित डाक्यूमेंन्ट्री को प्रतिबंधित कर दिया और अभिव्यक्ति के ऊपर हथौडा जड दिया लगा वे […]

  • IRNSS1D
    देशी जीपीएस की तरफ बढ़ते कदम
    Posted in: विकास, विज्ञानं जगत

    —शशांक द्विवेदी— नेवीगेशन सैटेलाइट की कामयाबी अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए इसरो ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से भारत के चौथे  नेवीगेशन सैटेलाइट आईआरएनएसएस-1 डी  का पीएसएलवी-सी 27   के जरिए सफल प्रक्षेपण कर दिया । आईआरएनएसएस-1 डी   नौवहन प्रणाली के तहत छोड़े जाने वाले कुल सात उपग्रहों में […]

  • Religious Fundamentalism India
    विभाजन की राजनीति
    Posted in: सांप्रदायिकता

    —जावेद अनीस— सआदत हसन मंटो की मशहूर रचना ‘टोबा टेक सिंह’ से में एक  मेंटल अस्पताल का जिक्र है, जिसमें बताया गया है कि सन 47 में  सिर्फ हिन्दुस्तान के लोग और ज़मीन नहीं  बटें थे बल्कि मानसिक रोगियों का भी विभाजन हुआ था, दरअसल ये मानसिक रोगी  तथाकथित होशमंदों के प्रतीक थे .भारतीय उपमहाद्वीप […]

  • 37458554
    उत्तर प्रदेश: किसान दे रहे जान और विधायक खुद पर मेहरबान
    Posted in: किसान, राजनीति

    —कृष्ण प्रताप सिंह— सांसदों व विधायकों द्वारा जब भी मन हो, खुद पर मेहरबान होकर अपने वेतन भत्ते बढ़़ा लेना देश में अब शायद ही किसी को चैंकाता हो। सदनों में और उनके बाहर आमतौर पर चलती रहने वाली तू तू-मैं मैं में एक दूजे पर गला फाड़ते रहने वाले ये जनप्रतिनिधि इस बाबत सत्तापक्ष […]

  • warrior_lord_ram-t3
    आतंक के संदर्भ में राम की प्रासंगिकता
    Posted in: आंतंकवाद, विशेष

    संदर्भ:- रामनवमी 28 मार्च- —प्रमोद भार्गव— दुनिया में बढ़ रहे आतंकवाद को लेकर अब जरूरी हो गया है कि इनके समूल विनाश के लिए भगवान राम जैसी सांगठनिक शक्ति और दृढंता दिखाई जाए। आतंकवादियों की मंशा दहशत के जरिए दुनिया को इस्लाम धर्म के बहाने एक रूप में ढालने की है। जाहिर है, इससे निपटने […]

  • Madhya Pradesh CM Shiraj Singh Chauhan
    जनता का धन और सरकारों का विवेक
    Posted in: मध्य प्रदेश, राजनीति

    —सुनील अमर— निर्वाचित और लोकप्रिय कही जाने वाली सरकारों द्वारा बहुत सी ऐसी योजनाऐं चलायी जाती या खर्चे किए जाते हैं जिनके औचित्य पर शंका और सवाल उठते रहते हैं। कई बार ये खर्चे इस हद तक मनमाने होते हैं कि उन पर न्यायालयों को भी ऊॅंगली उठानी पड़ती है। केन्द्र से लेकर राज्य सरकारों […]

  • Court Decision
    हाशिमपुरा: न्याय के अन्तहीन इन्तज़ार के 27 साल
    Posted in: न्यायपालिका, समाज

    — सुभाष गाताडे— एक चर्चित बाॅलीवुड फिल्म का डायलाॅग है कि अदालतें न्याय नहीं करती बस अपना निर्णय सुनाती हैं और बीच के अन्तराल में तारीख पर तारीख देती हैं। दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट ने 27 साल पुराने एक कतलेआम को लेकर जो अपना फैसला सुनाया, उसके बारे में कमसे कम यही बात लागू […]

  • Hashimpura Massacre
    इस अन्याय के खिलाफ चुप्पी क्यों छायी है?
    Posted in: न्यायपालिका, समाज

    —कृष्ण प्रताप सिंह— लगता है, यह नरसंहारों के अभियुक्तों के बरी होने का ‘मौसम’ है। देश अभी बिहार के बथानीटोला और शंकरबिगहा नरसंहारों के अभियुक्तों का बरी होना भूल नहीं पाया था कि उत्तर प्रदेश में मेरठ के हाशिमपुरा मुहल्ले में 28 साल पहले 22 मई, 1987 को हुए और प्रदेश की सशस्त्र पुलिस यानी […]

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