Monthly Archives: April 2015

  • FT_15.04.17_indiaGrowth
    भविष्य के भारत में विभिन्न धार्मिक समुदायों की आबादी
    Posted in: समाज, सांप्रदायिकता

    —-राम पुनियानी—- प्यू रिसर्च सेंटर की हालिया (2 अप्रैल 2015) की रपट में आने वाले वर्षों में भारत की आबादी के संबंध में कुछ पूर्वानुमान दिये गये हैं। रपट के अनुसार, सन् 2050 तक भारत में हिंदुओं की आबादी, वर्तमान 79.5 प्रतिशत से घटकर 76.7 प्रतिशत रह जायेगी जबकि मुसलमानों की आबादी, 18 प्रतिशत के […]

  • Juvenile-Justice-law-theforthright
    कितना सार्थक है जूवनाइल एक्ट में बदलाव
    Posted in: कानून

    —-जावेद अनीस—– भारत ने “विधि विवादित बच्चों” (children in conflict with law ) को लेकर अपने पहले के उस स्टैंड से बदलने को तैयार हो चूका है जहां कानून का मकसद उन्हें सुधरने और पुनर्वास का मौका देना था। अब मंत्रिमंडल ने तय किया है कि “जघन्य अपराधों” में संलिप्त सोलह साल की उम्र के […]

  • Housemaid
    महिला घरेलू कामगारों का श्रममूल्य
    Posted in: मजदूर, महिला

    —-उपासना बेहार—- दुनिया भर में 1 मई को अन्तराष्ट्रीय मजदूर दिवस के रुप में मनाया जाता है। भारत में भी 1 मई 1923 से मजदूर दिवस मनाने की शुरुवात हुई। उन्नीसवी शताब्दी के नवें दर्शक में अमेरिका के मजदूरों द्वारा काम के घंटे को कम करने के लिए प्रर्दशन और हडताल किये जाने लगे, उनकी […]

  • Kazakh-Elections-NorrSultan-2015
    क़ज़ाख़स्तान में सुल्तान की सुल्तानी बरक़रार
    Posted in: विश्व जगत

    —–अख़लाक़ अहमद उस्मानी—– 26 अप्रैल को हुए क़ज़ाख़स्तान के चुनाव में नूरसुल्तान नज़रबायेव की हुकूमत और हिकमत क़ायम रही। नूरसुल्तान की ओतान पार्टी (Otan Party) ने रिकॉर्ड 97.70% वोट हासिल कर क़ज़ाख़स्तान की संसद ‘मजलिस’ के सर्वमान्य नेता के रूप में पुन देश की बागडोर संभाल ली। उनके मुक़ाबले तुरगन सिज़्दीकोव को मात्र 1.6% और […]

  • modi (1)
    मोदी सरकार का एक वर्ष:- विघटनकारी एजेण्डा
    Posted in: राजनीति, सरकार, सांप्रदायिकता

    मोदी सरकार का एक वर्ष विघटनकारी एजेण्डा —-राम पुनियानी—- इस साल मई में मोदी सरकार अपना एक साल पूरा कर लेगी। गुजरा साल, मुख्यतः, समाज में अलगाव और विघटन पैदा करने वाली राजनीति के नाम रहा। जहां मोदी का चुनाव अभियान विकास पर केंद्रित था वहीं उन्होंने सांप्रदायिक मुद्दे उठाने में भी कोई कोर-कसर बाकी […]

  • Fourth Pillar of Indian Democracy
    रंगीन अँधेरों का समय
    Posted in: विशेष, समाज

    —-वीरेन्द्र जैन—- यह नई तकनीकों का दौर है इसलिए अब अँधेरे काले ही नहीं होते वे रंगीन भी हो सकते हैं और हमें सच न देख पाने की वैसी ही परिस्तिथियां पैदा कर सकते हैं, जैसी कि चकाचौंध करती है। काले अँधेरे को झेलने के अभ्यस्त लोगों को इस दौर में लम्बे समय तक यह […]

  • Indian Students
    सांप्रदायिकता के रंग-संकेतक
    Posted in: सांप्रदायिकता

    —–राम पुनियानी—– अहमदाबाद डेटलाइन से अखबारों में छपी खबरों (12 अप्रैल, 2015) के अनुसार, वहां के शाहपुर स्कूल, जिसके अधिकांश विद्यार्थी हिन्दू हैं, में गणवेश का रंग भगवा है और दानी लिमडा स्कूल, जहाँ मुस्लिम विद्यार्थियों का बहुमत है, यूनिफार्म हरे रंग की है। यह अत्यंत चैंकाने और धक्का पहुंचाने वाली खबर है। हम सब […]

  • gajendra-rajput_650x400_61429702116
    आत्महत्या को मजबूर किसान
    Posted in: किसान, ग्रामीण भारत

    —-शशांक द्विवेदी—- राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी की रैली में एक “आम आदमी “ किसान गजेन्द्र ने सार्वजनिक रूप से खुदखुशी कर ली । संसद भवन से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर जंतर –मंतर में हजारों की भीड़ ,सैकड़ो मीडिया वाले थे ,मंच पर अरविन्द केजरीवाल एंड कंपनी भी थी लेकिन कोई उसे […]

  • Fire Temple
    क्या गोलरूख कान्टराक्टर को इन्साफ मिलेगा ? धर्म, परम्परा और स्त्रिायों के अधिकार
    Posted in: महिला, समाज

    —-सुभाष गाताडे—- क्या एक पारसी मूल की महिला , जिसने अपने समुदाय के बाहर शादी की है, वह अगियारी अर्थात अग्निघर – जो पारसी लोगों का पूजास्थल होता है – वहां पर पूजा कर सकती है या नहीं ? गोलरूख कान्टराक्टर नामक महिला जिसने आज से लगभग 25 साल पहले माहपाल गुप्ता से शादी की […]

  • Congress Farmers rally in Ramlila Maidan
    राहुल की वापसी
    Posted in: राजनीति

    —-जावेद अनीस—- यह राजनीति में ब्रांडिंग और “निवेश” का युग है, जहाँ ब्रांड ही विचार है और विज्ञापन ही सबसे बड़ा साधन है, मोदी ने 2014 की गर्मियों में इसे साबित भी किया था और अब राहुल गाँधी इसे दोहराने के लिए कमर कस रहे हैं. लेकिन समस्या यह है कि आभासी दुनिया के बल […]

  • QutbMaprr_03
    राजनैतिक विचारधारा और इतिहास की व्याख्या
    Posted in: शिक्षा, सांप्रदायिकता

    —-राम पुनियानी—- यद्यपि भारतीय उपमहाद्वीप के सभी निवासियों का सांझा इतिहास है तथापि विभिन्न राजनैतिक विचारधाराओं में यकीन करने वाले अलग-अलग समूह, इस इतिहास को अलग-अलग दृष्टि से देखते हैं। दिल्ली में सरकार बदलने के बाद से, कई महत्वपूर्ण संस्थानों की नीतियों में रातों-रात बदलाव आ गया है। भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद (आईसीएचआर) व राष्ट्रीय […]

  • jal-satyagraha_660_082913091134
    जल सत्याग्रह से उठे विस्थापितों के सवाल
    Posted in: मध्य प्रदेश, सरकार

    —-प्रमोद भार्गव—- ओंकारेश्वर बांध के जल भराव को कम करने व विस्थापितों की डूब में आई जमीन के बदले जमीन देने की मांग को लेकर एक बार ग्रामीण फिर से जल सत्याग्रह करने को विवश हुए हैं। आंदोलनकारी चाहते है कि बांध में पानी 191 मीटर तक भरने की बजाय,189 मीटर भरा जाए। जिससे ग्राम […]

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