Monthly Archives: December 2015

  • Debating-Secularism-2015
    धर्मनिरपेक्षता के बदले ‘इंडिया फर्स्टन’ का पैंतरा
    Posted in: राजनीति

    धर्मनिरपेक्षता के बदले ‘इंडिया फर्स्‍ट‘ का पैंतरा ——-राम पुनियानी——— गूगल “धर्मनिरपेक्षता की धारणा पर कुछ हद तक सवाल खड़े करते हुए संविधान दिवस (26 नवंबर 2015) के आयोजन ने इस बहस को एक बार फिर से खड़ा कर दिया। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने उस दलील को दोहराया जिसे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ परिवार अर्से से […]

  • 16915
    भुक्खड़ नहीं होते ईमानदार
    Posted in: व्यंग

    भुक्खड़ नहीं होते ईमानदार ——-अशोक मिश्र——– केजरी भाई लाख टके की बात कहते हैं। अगर आदमी भूखा रहेगा, तो ईमानदार कैसे रहेगा? भुक्खड़ आदमी ईमानदार हो सकता है भला। हो ही नहीं सकता। आप किसी तीन दिन के भूखे आदमी को जलेबी की रखवाली करने का जिम्मा सौंप दो। फिर देखो क्या होता है? पहले […]

  • drinking-water-children-india
    कब मिलेगा पीने को साफ पानी?
    Posted in: जल सँरक्षण

    ———जगजीत शर्मा———- भारत में पेयजल की समस्या का काफी विकट है। गांवों की लगभग 80-85 फीसदी आबादी का गुजारा कुओं या हैंडपंप के पानी से होता है। शहरों में ज्यादातर लोग स्थानीय निकायों द्वारा की जा रही जलापूर्ति पर ही निर्भर रहते हैं। शहर और गांवों में अधिसंख्य आबादी को होने वाली जलापूर्ति प्रदूषित रहित […]

  • 12TH_CARTOON_COLOU_1295566f
    निवेश की भ्रामक अवधारणा
    Posted in: आर्थिक जगत

    ——-शैलेंद्र चौहान——— “अच्छे दिन आने वाले हैं” का सपना महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से जूझ रही जनता को बहुत विश्वास के साथ दिखाया गया  था. आम आदमी की उम्मीदें थीं कि महंगाई से राहत मिलेगी लेकिन बात अब सिर्फ और सिर्फ विदेशी निवेश की हो रही है. निवेश कोई चैरिटी तो है नहीं वह तो एक […]

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    अलग से बने कृषि बजट और कृषि सेवा
    Posted in: किसान, खेती

    ——सुनील अमर——– देश की 58 प्रतिशत आबादी को रोजगार तथा लगभग समूची आबादी को भोजन उपलब्ध कराने वाली भारतीय कृषि की दयनीय हालत का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि इसके लिए अलग से बजट बनाने का प्राविधान नहीं है। देश में रेलवे के लिए अलग से बजट बन सकता है लेकिन खेती […]

  • hindu-sena-protest_aaada1ec-978b-11e5-b4f4-1b7a09ed2cea
    हमें क्या चाहिए? आधुनिक विकसित भारत या अन्धकार का युग?
    Posted in: राजनीति, सांप्रदायिकता

    हमें क्या चाहिए? आधुनिक विकसित भारत या अन्धकार का युग? ——नसीरूद्दीन शाह——- यह गौरतलब है कि शाहरूख खान या आमिर खान के बयानों से भड़की उत्तेजना अपमानित पक्षों के असली गुस्से का परिणाम थी अथवा सुर्खियां बटोरने का प्रयास था? या फिर टी.वी. चैनलों द्वारा अपनी टी.आर.पी. बढ़ाने के लिये इसे हवा दी गई? ************ […]

  • Brewing-Controversy
    क्या वाकई थम गई पुरस्कार वापसी मुहिम?
    Posted in: राजनीति

    क्या वाकई थम गई पुरस्कार वापसी मुहिम? ——-राम पुनियानी——– “बिहार चुनाव के नतीजे आने का बाद सोशल मीडिया पर इन दिनों एक कविता काफी प्रसारित हो रही है। इस कविता में कहा जा रहा है कि अब कहीं से भी गोमांस, सम्मान वापसी, अरहर दाल की बढ़ती कीमतों को लेकर कोई बयान नहीं आ रहा […]

  • People stand on a flooded road in Chennai, December 2, 2015. REUTERS/Stringer
    जलवायु परिवर्तन की चपेट में चेन्नई
    Posted in: करेंट अफेयर्स

    ——प्रमोद भार्गव——- 86 लाख की आबादी वाला शहर चेन्नई लगभग जलमग्न है। चेन्नई के अलावा नेल्लौर,चित्तूर,प्रकाषम्,कांचीपुरम,तिरूवल्लूर,विल्लूपुरम् और पुड्डुचेरी में भी प्रकृति का यही रौद्र रूप दखने में आ रहा है। इसके पहले हम जम्मू-कष्मीर,उत्तराखण्ड,लद्दाख और 2005 में मुंबई को भी इसी बेहाली की जटिल स्थिति से रूबरू होते देख चुके हैं। तय है,एक के बाद […]

  • Health 1
    स्वास्थ्य सेवाएं, गरीबों की पहुँच से दूर
    Posted in: स्वास्थ जगत

    ——शैलेन्द्र चौहान——- हमारे यहां स्वास्थ्य सेवाएं अत्यधिक महंगी हैं जो गरीबों की पहुँच से काफी दूर हो गयी हैं।  स्वास्थ्य, शिक्षा, भोजन, आवास जीवन की मूलभूत आवश्यकताएं हैं। हमारे देश में गरीबों और अमीरों के बीच खाई बेहद चौड़ी हो चुकी है। इसे पाटने का किसी का अभिप्रेत  नहीं है। दरअसल आर्थिक व सामाजिक विषमताएं, स्वास्थ्य की […]

  • Smriti Irani
    भेदभावों को झुठलाना तो ठीक नहीं!
    Posted in: महिला

    संदर्भ: स्मृति ईरानी की टिप्पणी के खिलाफ छात्राओं का प्रदर्शन भेदभावों को झुठलाना तो ठीक नहीं! ——-कृष्ण प्रताप सिंह———- समझ में नहीं आता कि देश की हाईप्रोफाइल मानव संसाधनमंत्री स्मृति ईरानी के इस कथन को किस रूप में लिया जाये कि देश में महिलाओं को ‘पूरी स्वतंत्रता’ हासिल है और उनके साथ किसी स्तर पर […]

  • Jpeg
    मध्य एशिया का सबसे बड़ा व्यापारिक देश है कज़ाख़स्तान- बुलत
    Posted in: एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

    एक्सक्लूसिव इंटरव्यू मध्य एशिया का सबसे बड़ा व्यापारिक देश है कज़ाख़स्तान- बुलत भारत में कज़ाख़स्तान के राजदूत बुलत सरसेनबायेव ने कहाकि वह दोनों देशों के आपसी व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों की क़द्र करते हैं और चाहते हैं कि दोनों राष्ट्रों के बीच कारोबार तेज़ी से बढ़े। उन्होंने जनसम्पर्क, सामरिक और आर्थिक संबंध प्रगाढ़ करने और […]

  • Modi_selfie
    सेल्फी वाला पत्रकार नहीं हूं
    Posted in: व्यंग

    ——-अशोक मिश्र——- घर पहुंचते ही मैंने अपने कपड़े उतारे और पैंट की जेब से मोबाइल निकालकर चारपाई पर पटक दिया। मोबाइल देखते ही घरैतिन की आंखों में चमक आ गई। दूसरे कमरे से बच्चे भी सिमट आए थे। घरैतिन ने मोबाइल फोन झपटकर उठा लिया और उसमें कुछ देखने लगीं। मोबाइल को इस तरह झपटता […]

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