स्मार्ट फोन ने बदला बैंक का परिदृश्य

5:19 pm or November 17, 2014
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– डॉ. महेश परिमल –

पिछले महीने 5 लाख इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की बढ़ोत्तरी हुई है। ये सभी मोबाइल नेट का इस्तेमाल करते हैं। इस दौरान मोबाइल इकॉनामी में 5 गुना वृद्धि देखी गई है। स्मार्ट फोन लाखों का ट्रांजेक्शन बैंकिंग सिस्टम में क्रांतिकारी परिवर्तन ला दिया है। इस तरह से देखा जाए तो इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम और इंटरनेट सिस्टम ने धन का ट्रांजेक्शन की बरसों पुरानी स्थिति को बदलकर रख दिया है। पहले भी लोग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते थे, पर अब मोबाइल द्वारा किए जाने वाले ट्रांजेक्शन ने पूरे सिनेरियो को बदल दिया है। स्मार्ट फोन का इस्तेमाल करने वालों की बढ़ती संख्या के साथ-साथ मोबाइल इकोनामी के दायरे में भी काफी बढ़ा है। जिस स्मार्ट फोन पर 7800 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन होता था, उसी स्मार्ट फोन पर अब 36 हजार करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन हो रहा है। इस तरह से एक अंदाज के मुताबिक मोबाइल ट्रांजेक्शन पर 5 गुना बढ़ोत्तरी हुई है। इस समय स्मार्ट फोन का इस्तेमाल करने वाले 8 प्रतिशत लोग हैं। स्मार्ट फोन होना और उसका बैंकिंग के रूप में इस्तेमाल करना अलग बात है। कितनों के पास स्मार्ट फोन होने के बाद भी बैंकिंग के लिए उसका इस्तेमाल नहीं करते। मोबाइल से जुड़े लोगों का कहना है कि स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वालों का प्रतिशत 2017 तक  21 हो जाएगा। इससे मोबाइल इकोनामी में भी बढ़ोत्तरी होगी। ई कामर्स साइट फ्लिकार्ट तो स्वयं को एम कामर्स कंपनी के रूप में पहचाने जाने लगी है।

ई-कामर्स के साथ सम्बद्ध कंपनियों और बैंकें अब मोबाइल फाइनेंसियल ट्रांजेक्शन के लिए नए-नए एप बनाने में लगी हैं। कुछ पुराने में ही संशोधन करने में लगी हैं। एक समय ऐसा भी था, जब लोग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने में डरते थे। ¨कतु सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों को देखकर लोगों का ऑनलाइन बैंकिंग पर विश्वास जमने लगा। यह सच कि हेकर्स के लिए किसी भी सुरक्षा के घेरे को तोड़ना आसान है, पर अब इस दिशा में लोग सचेत हो गए हैं। अब वे अपना पासवर्ड बार-बार बदलकर अपने खाते को सुरक्षित करने लगे हैं। इसलिए हेकर्स के भी हौसले पस्त होने लगे हैं। शेयर की खरीदी-बिक्री अब मोबाइल के माध्यम से काफी आसान हो गई है। इसे अब सामान्य माना जाने लगा है। डेली ट्रेडिंग करने वाले ऑनलाइन सिस्टम अधिक पसंद करते हैं। इससे वे कमाई भी कर रहे हैं। कुछ ही मिनटों में भावों में उतार-चढ़ाव होता रहता है, तो हाथ में रहने वाले मोबाइल फोन कमाई भी देने लगा है। कई बार यह बड़े नुकसान से बचाता भी है। भारत में मोबाइल कामर्स पर नजर रखी जा रही है। इस समय देश में मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले करीब 90 करोड़ लोग हैँ। 23 करोड़ लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करने लगे हैँ और 23 करोड़ लोग मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। हर महीने करीब 5 लाख लोगों की वृद्धि हो रही है। इसलिए कई कंपनियां मोबाइल फस्र्ट वाली स्ट्रेटेजी पर विश्वास करने लगी हैं। ये कंपनियां अपने प्रोडक्ट को सबसे पहले मोबाइल पर देती हैं,उसके बाद कंप्यूटर सिस्टम पर डालती हैं।

अब तक मोबाइल केवल कम्युनिकेशन का ही साधन था, अब वह बिजनेस का साधन बन गया है। सभी कंपनियां मोबाइल को एक चलती-फिरती दुकान समझ रही हैं। इसलिए एसएमएस को भूलकर लोग अब वॉट्स अप से दोस्ती करने लगे हैं। इस माध्यम से लोग अब देश-विदेश में रहने वाले मित्रों से जुड़े रहते हैँ। मोबाइल बाजार के सूत्रों की मानें, तो भारत में अभी पिछले महीने ही इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या में 5 लाख की वृद्धि देखी गई है। तीन साल पहले तक मोबाइल पर केवल दो प्रतिशत ट्रांजेक्शन होता था, जो अब बढ़कर कई गुना हो गया है। अब तो आधा ट्रांजेक्शन मोबाइल के माध्यम से ही होना लगा है। मोबाइल से होने वाले ट्रांजेक्शन के सामने कई चुनौतियां भी हैं। इसमें प्रमुख है खराब क्वालिटी के स्मार्ट फोन। डाटा की क्षमता और मर्यादित मेमोरी आदि मोबाइल यूजर्स को अक्सर परेशान करती है। इससे बचने के लिए आजकल ल90 प्रतिशत लोग  2.5 या 2.75 जी नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। बार-बार होने वाले बफरिंग के कारण डाउनलोड भी धीमा हो जाता है। फोर जी मोबाइल का इस्तेमाल करने वालों का डाउनलोड तेजी से होता है। टेक्नालॉजी में सुधार हो, तो थ्री जी टेक्नालॉजी भी उपयोगी साबित हो सकती है।

इस तरह से देखा जाए, तो जैसे-जैसे मोबाइल के उपयोगकर्ता बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे विज्ञापन और शेयर बाजार के बाजार ने विस्तार पाया है। यही नहीं आजकल पूरी दुनिया एक अंगूठे में समाहित हो गई है। घर बैठे-बैठे बिजली, टेलीफोन बिल, सम्पति कर जैसे टैक्स भी भरे जा रहे हैं। अब कहीं जाने की आवश्यकता ही नहीं। कई काम घर बैठे आसानी से होने लगे हैं। इसलिए पूरी दुनिया ही मोबाइल में सिमट रही है। इस दिशा में अब बैंकिंग के प्रति लोग जागरूक हुए हैं। अब बैंकों में मध्यम वर्ग के लोग दिखाई ही नहीं देते, वहां भीड़ कम होने लगी है। किसी भी नए प्रोडक्ट को जानने के लिए वह स्वयं आपके मोबाइल तक पहुंच रहा है। आप उसे जानकर, समझकर खरीद सकते हैं। आप इस माध्यम से अपने घर की पुरानी चीजें बेच भी सकते हैं। सब कुछ ही पलों में संभव हो पा रहा है। अब लोग सेकेंड नहीं, बल्कि माइक्रो सेकेंड की बात करने लगे हैं। कुछ भी कहो, इस मोबाइल ने हर किसी को चलायमान कर दिया है। अपनी सक्रियता दिखाने के लिए आज मोबाइल से बड़ा कोई साधन है ही नहीं। स्मार्ट मोबाइल इंसान को भी लगातार स्मार्ट बना रहा है, यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा।

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