Muslim

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    वैश्विक आतंकवाद: बिगड़ रहे हैं हालात – राम पुनियानी
    Posted in: आंतंकवाद

    वैश्विक आतंकवाद: बिगड़ रहे हैं हालात राम पुनियानी वैश्विक आतंकवाद ने भयावह स्वरुप अख्तियार कर लिया है. 9/11 2001 से हालात बिगड़ने शुरू हुए और यह सिलसिला अब भी जारी है. ट्विन टावर्स पर हमले के बाद से, आतंकवाद को एक धर्म विशेष से जोड़ने की कवायद शुरू हो गयी और अमरीकी मीडिया ने ‘इस्लामिक […]

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    डिकोडिंग “रईस”
    Posted in: फिल्म समीक्षा

    डिकोडिंग “रईस”  —— जावेद अनीस ——- हिंदी सिनेमा देश के मुस्लिम समाज को परदे पर पेश करने के मामले में कंजूस रहा है और ऐसे मौके बहुत दुर्लभ ही रहे हैं जब किसी मुसलमान को मुख्य किरदार या हीरो के तौर पर प्रस्तुत किया गया हो. “गर्म हवा”,“पाकीज़ा”,“चौदहवीं का चांद”,“मेरे हुज़ूर”,“निकाह”,“शमा”, “नसीम”, “चक दे इंडिया”, “इक़बाल”, “माय […]

  • Mahatma-Gandhi-A-Legacy-of-Peace
    राम की राजधानी से बापू के संदेश
    Posted in: विशेष

       राम की राजधानी से बापू के संदेश ——-कृष्ण प्रताप सिंह——– अब इसे विडम्बना कहा जाये, संयोग या कुछ और, लेकिन जिन राम के राज के अपने सपने को साकार करने के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने यावत्जीवन कुछ उठा नहीं रखा, उनकी राजधानी या कि जन्मभूमि अयोध्या वे सिर्फ दो बार पहुंच सके। अलबत्ता, […]

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    जनगणना में अल्पसंख्यक
    Posted in: सांप्रदायिकता

    ——सुभाष गाताडे——– ‘ लोकप्रिय स्तर पर लोगों के लिए इस हकीकत पर गौर करना या उसे जज्ब़ करना मुश्किल जान पड़ता है जब उन्हें बताया जाता है कि बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी वाले इंडोनेशिया की प्रजननक्षमता (कुल प्रजनन क्षमता दर 2.6) की दर बहुसंख्यक हिन्दू आबादी वाले भारत की तुलना में (कुल प्रजनन क्षमता दर 3.2) […]

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    भविष्य के भारत में विभिन्न धार्मिक समुदायों की आबादी
    Posted in: समाज, सांप्रदायिकता

    —-राम पुनियानी—- प्यू रिसर्च सेंटर की हालिया (2 अप्रैल 2015) की रपट में आने वाले वर्षों में भारत की आबादी के संबंध में कुछ पूर्वानुमान दिये गये हैं। रपट के अनुसार, सन् 2050 तक भारत में हिंदुओं की आबादी, वर्तमान 79.5 प्रतिशत से घटकर 76.7 प्रतिशत रह जायेगी जबकि मुसलमानों की आबादी, 18 प्रतिशत के […]

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    यूनिफार्म सिविल कोड और मुस्लिम महिलाओं के नागरिक अधिकार का सवाल
    Posted in: कानून, जीवन शैली, धर्म

    – जावेद अनीस- पर्सनल लॉ आधुनिक और धर्मनिरपेक्ष भारत में आधुनिक और धर्मनिरपेक्ष भारत में मुस्लिम महिलाओं को एक नागरिक के रूप में मिले अधिकारों को नकारता है। अगर हम इसी देश में ही अलग अलग समुदायों के औरतों के लिए बने कानूनों को देखें तो इसमें भारी अंतर पाते हैं – मुस्लिम कानून में […]

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    लैंगिक न्याय की लड़ाई : कई रोड़े हैं राह में
    Posted in: कानून, समाज

    – राम पुनियानी- जहां एक ओर भारत में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक जनहित याचिका दायर की गई है वहीं इस मामले में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम घटित हुआ है। इसका संबंध मुस्लिम समुदाय के पर्सनल लॉ से है। जनसामान्य में यह धारणा बनी हुई है कि मुस्लिम महिलाएं, दूसरे समुदायों की […]

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