Poverty

  • Kolkata: Children take part in a rally to mark "World Day against Child Labour" in Kolkata on Wednesday. PTI Photo by Ashok Bhaumik (PTI6_12_2013_000126B)
    सवाल केवल इतना ही नहीं है कि सभी बच्चों को स्कूल में होना चाहिए – शैलेन्द्र चौहान
    Posted in: कानून, बच्चे

    सवाल केवल इतना ही नहीं है कि सभी बच्चों को स्कूल में होना चाहिए शैलेन्द्र चौहान हमारा देश विभिन्न सामाजिक-आर्थिक समस्याओं से जूझ रहा है, जिसमें बाल श्रम एक प्रमुख व संवेदनशील समस्या है। बचपन, मनुष्य की जिंदगी का सबसे खूबसूरत समय होता है, न किसी बात की चिंता और न ही कोई जिम्मेदारी। लेकिन […]

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    भूख है तो सब्र कर .. – सुभाष गाताडे
    Posted in: गरीबी, विशेष

    भूख है तो सब्र कर .. —- सुभाष गाताडे —- झारखंड के देवघर जिले के मोहनपुर प्रखंड के भगवानपुर गांव के 62 वर्षीय रूपलाल मरांडी पिछले दिनों कथित तौर पर भूख से मर गए। ख़बर के मुताबिक उनके अंगूठे का निशान बायोमेटिक मशीन से मिल नहीं रहा था और दो माह से परिवार को राशन […]

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    गरीबी और गंदगी – शैलेन्द्र चौहान
    Posted in: गरीबी

    गरीबी और गंदगी —– शैलेन्द्र चौहान —— हमारा भारत देश महान है । विदेशियों (पश्चिमी देश वाले) का कहना है कि भारत सपेरों, नटों और ठगों (भिखारियों से  लेकर टैक्सी व ऑटो ड्रायवर और होटलों के दलालों तक) का देश है। (अब मोदी जी बनायेंगे आधुनिक भारत।) चूँकि यह अत्यंत प्राचीन देश है, इसकी संस्कृति […]

  • Income inequality
    कल्पनातीत आर्थिक असमानता
    Posted in: आर्थिक जगत

    —-शैलेन्द्र चौहान—- विश्व बैंक की दक्षिण एशिया में असमानता से जुड़ी एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत में असामान्य रूप में अरबपतियों की तादाद तो ज्यादा है ही सामान्य नागरिक की तुलना में उनकी संपत्ति का आनुपातिक असंतुलन बहुत विकराल है. रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में अमीरों की संपत्ति का […]

  • Untouchable
    छुआछूत का दानव अभी जिंदा है
    Posted in: दलित, समाज

    – राजीव कुमार यादव – इसे भारतीय लोकतंत्र के विकास के लिहाज से शर्मनाक ही माना जाएगा कि संविधान द्वारा छुआ-छूत को समाप्त किए हुए भले ही 64 साल बीत हो गए हों, लेकिन भारतीय समाज में यह अब भी बड़े पैमाने पर जिंदा है। नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) और अमेरिका की […]

  • 2807201410
    कथित विकास पर सवाल
    Posted in: आर्थिक जगत, गरीबी

    -शशांक द्विवेदी  – पिछले दिनों सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों से जुड़ी संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के बेहद गरीब लोगों में से एक तिहाई भारत में रहते हैं तथा यहां पांच साल से कम उम्र में मौत के मामले सबसे अधिक होते हैं। इस रिपोर्ट ने देश के कथित विकास पर बड़े सवाल […]

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